भारत ने मनीला में हुई 20वीं पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन ऊर्जा मंत्रियों की बैठक में क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा और किफायती, टिकाऊ ऊर्जा व्यवस्था के लिए सहयोग बढ़ाने की बात कही है। विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक ने आसियान की 2026-2030 कार्ययोजना का स्वागत करते हुए क्षेत्रीय ग्रिड तथा बहुपक्षीय बिजली व्यापार को प्राथमिकता बताई।

भारत और सिंगापुर प्रस्तावित 2,000 मेगावाट सीमा-पार बिजली संपर्क के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। सरकारी विवरण में एक संभावित करीब 3,000 किलोमीटर भूमि-आधारित पारेषण गलियारे का उल्लेख है, जो इम्फाल को म्यांमार, थाईलैंड और मलेशिया के रास्ते सिंगापुर से जोड़ सकता है। भारत ने ग्रिड एकीकरण, ऊर्जा भंडारण और हरित हाइड्रोजन का अनुभव साझा करने की पेशकश भी की।

बैठक में रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार, आपात तैयारी, एलएनजी और गैस आपूर्ति सुरक्षा, बैटरी भंडारण तथा कार्बन प्रबंधन पर सहयोग के अवसर रखे गए। प्रस्तावित अंतरदेशीय पारेषण गलियारा अभी विचाराधीन विकल्प है, स्वीकृत परियोजना नहीं; इसकी लागत, मार्ग, नियामकीय व्यवस्था और पर्यावरणीय प्रभाव का विवरण सार्वजनिक होने के बाद ही व्यवहार्यता का स्वतंत्र आकलन संभव होगा।