
तटीय इलाकों की सुरक्षा के लिए विज्ञान, आजीविका और स्थानीय योजना को जोड़ने पर मंथन
राष्ट्रीय कार्यशाला में मैंग्रोव, समुद्री घास, लवणीय दलदल और प्रवाल संरक्षण को जलवायु अनुकूलन की प्रमुख कड़ी माना गया।

राष्ट्रीय कार्यशाला में मैंग्रोव, समुद्री घास, लवणीय दलदल और प्रवाल संरक्षण को जलवायु अनुकूलन की प्रमुख कड़ी माना गया।

देश के 28 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 13.87 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र संरक्षित; एशिया में सबसे बड़ा नेटवर्क।

नवंबर 2024 में बचाए जाने के बाद गुजरात में देखभाल पा रहे ओरंगुटान को दोनों देशों की वन्यजीव एजेंसियों और CITES प्राधिकरणों के समन्वय से मेडन पहुंचाया गया।

मंत्रालय और उसकी सार्वजनिक कंपनियों ने जलस्रोत, मोहल्ले और सार्वजनिक स्थानों की सफाई के साथ सफाई कर्मियों की सुरक्षा तथा कचरे के पुनःउपयोग पर गतिविधियां चलाईं।

पानी और ऊंचाई के अंतर से बिजली संचित करने वाली तकनीक सौर-पवन उत्पादन के उतार-चढ़ाव को संतुलित कर सकती है; देश में 345.38 गीगावाट संभावित क्षमता पहचानी गई है।

सेंसर, एआई, ड्रोन और रिमोट सेंसिंग से उत्सर्जन तथा धूल की वास्तविक समय निगरानी पर सरकार और नवाचार कंपनियों ने चर्चा की।

बीआईएस की विश्व मानक दिवस बैठक में ऊर्जा नवाचार, परियोजना प्रबंधन और कार्बन कैप्चर पर चर्चा हुई

पर्यावरण मंत्रालय ने चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश की आर्द्रभूमियों को मिली मान्यता की जानकारी दी

मॉस्को गोलमेज में भारतीय और रूसी विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक निगरानी सहयोग पर चर्चा की; हिमालयी आवास संरक्षण नतीजों की असली कसौटी।

‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ के तहत प्रदूषणकारी गतिविधियों की जांच; निरीक्षण कार्रवाई को अंतिम दोष-सिद्धि नहीं माना जा सकता।

वर्षा निगरानी, उपग्रह आकलन, जलग्रहण क्षेत्र और पारंपरिक जलस्रोतों की बहाली को एक साथ जोड़ने की जरूरत बताई गई।

UNCCD कॉप-17 संवाद में हरित बांड, ग्रीन क्रेडिट और सार्वजनिक-निजी पूंजी के साथ स्पष्ट सुरक्षा उपायों पर जोर दिया गया।

27 राज्य बोर्ड, तीन केंद्रशासित परिषद और बागवानी संस्थान को राशि; एक वर्ष में उपयोग प्रमाण और व्यय विवरण देना होगा।

बम्बोलिम और अगासैम परियोजनाओं से सालाना 18 लाख रुपये से अधिक बचत और 190 टन तक कार्बन उत्सर्जन घटने का अनुमान