वित्तीय सेवा विभाग ने सार्वजनिक और प्रमुख निजी बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वित्तीय समावेशन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की है। बैठक में जन धन, जीवन ज्योति और सुरक्षा बीमा, अटल पेंशन, मुद्रा, स्टैंड अप इंडिया, पीएम स्वनिधि, विश्वकर्मा, सूर्य घर और किसान क्रेडिट कार्ड के साथ बैंकिंग सुविधा से वंचित गांवों में शाखा तथा बैंक मित्र उपलब्धता पर चर्चा हुई।
विभाग ने बैंकों से डिजिटल पहुंच बढ़ाने, ऋण की प्रक्रिया को आरंभ से अंत तक ऑनलाइन बनाने और यूपीआई क्रेडिट लाइन तथा सूक्ष्म उद्यमों के क्रेडिट कार्ड जैसे माध्यमों पर काम करने को कहा। जन सुरक्षा बीमा दावों की पात्रता के बारे में जागरूकता, शिकायतों के सावधानीपूर्वक निपटारे और नए लाभार्थियों का एकीकृत पोर्टल से नामांकन भी समीक्षा के प्रमुख बिंदु रहे।
समीक्षा बैठक निर्देश और प्राथमिकताएं बताती है, सेवा परिणाम नहीं। डिजिटल ऋण में सरलता के साथ स्पष्ट सहमति, शुल्क और ब्याज का खुलासा, धोखाधड़ी रोकथाम तथा ऑफलाइन सहायता जरूरी है। ग्राहक किसी योजना को सरकारी नाम देखकर स्वतः स्वीकृत न मानें; पात्रता, बीमा दावा, पेंशन योगदान और ऋण दायित्व संबंधित बैंक तथा आधिकारिक योजना दस्तावेज से जांचें।







