केंद्र सरकार के विशेष अभियान के पांच वर्षों में ई-कचरे और बेकार सामान के निपटान से 5,102.91 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई है। आधिकारिक विवरण के अनुसार कार्यालयों में 1,049.54 लाख वर्ग फीट से अधिक जगह खाली की गई, 180.48 लाख से ज्यादा फाइलें बंद या हटाई गईं और देशभर में 24.20 लाख सफाई स्थलों की पहचान कर काम किया गया।
विशेष अभियान 6.0 का कार्यान्वयन चरण 2 से 31 अक्टूबर तक चलना है। इसमें केवल परिसर की सफाई नहीं, बल्कि लंबित मामलों में कमी, रिकॉर्ड की समीक्षा, अनुपयोगी फर्नीचर, ई-फाइल और इलेक्ट्रॉनिक कचरे का जिम्मेदार निपटान भी शामिल है। डीएआरपीजी इसके लिए नोडल विभाग है और अलग मंत्रालयों के लिए संस्थागत लक्ष्य तय किए गए हैं।
विज्ञान संस्थानों में इस काम को संसाधन पुनर्प्राप्ति से भी जोड़ा गया है। सीएसआईआर के कार्यक्रमों में प्लास्टिक और बैटरी पुनर्चक्रण, ई-कचरे से जरूरी धातुओं की प्राप्ति, बायोमीथेनेशन और कृषि तथा औद्योगिक कचरे से उपयोगी उत्पाद बनाने जैसी तकनीकें शामिल हैं। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने भी निपटान के लिए 705 वस्तुओं की पहचान की।







