जीएसटी परिषद की 56वीं और 57वीं बैठकों में दर संरचना तथा पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाने के उपाय सुझाए गए हैं। सरकारी विवरण में दो मुख्य दरों—5 और 18 प्रतिशत—तथा चुनिंदा वस्तुओं और सेवाओं के लिए 40 प्रतिशत की विशेष दर वाली संरचना का उल्लेख है। लागू कर की पुष्टि संबंधित अधिसूचना और वस्तु वर्गीकरण से करनी होगी।
सितंबर 2026 तक पंजीकृत जीएसटी करदाताओं की संख्या लगभग 1.70 करोड़ बताई गई है, जो 2017 में करीब 60 लाख थी। 30 सितंबर तक प्रणाली में कुल 3,053 करोड़ इनवॉइस और 833.82 करोड़ ई-वे बिल संसाधित होने का आंकड़ा दिया गया है। अप्रैल से सितंबर के बीच सकल जीएसटी संग्रह करीब ₹12.46 लाख करोड़ रहा, जिसमें सालाना 11.6 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई।
प्रस्तावित प्रक्रिया सुधारों का उद्देश्य पंजीकरण को अधिक अनुमान योग्य और अनुपालन को सरल बनाना है। परिषद की सिफारिश और प्रभावी कानून के बीच अंतर हो सकता है; व्यवसायों को दर, पात्रता या रिटर्न संबंधी निर्णय केवल सारांश के आधार पर नहीं लेना चाहिए। अंतिम नियम के लिए आधिकारिक अधिसूचना और योग्य कर सलाह आवश्यक होगी।







