इस्पात मंत्रालय के अनुसार वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में कच्चे इस्पात का उत्पादन 85.1 मिलियन टन रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से 2.9 प्रतिशत अधिक है। तैयार इस्पात उत्पादन 81.8 मिलियन टन रहा और इसमें 3.7 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई।

सितंबर 2026 में कच्चे इस्पात का उत्पादन 14.1 मिलियन टन और तैयार इस्पात उत्पादन 13.5 मिलियन टन बताया गया। छमाही में तैयार इस्पात की खपत 84.9 मिलियन टन रही, जो एक साल पहले के 79 मिलियन टन से 7.5 प्रतिशत अधिक है।

मंत्रालय ने आयात-निर्यात और चार महानगरों के औसत खुदरा मूल्यों के संकेतक भी जारी किए। उत्पादक समूहों के आंकड़ों में शीर्ष सात कंपनियों और शेष उत्पादकों का अलग योगदान दर्ज किया गया, जिससे कुल क्षमता और वास्तविक उत्पादन की तुलना संभव होती है।

ये प्रशासनिक क्षेत्रीय आंकड़े हैं और कंपनियों के लाभ या भविष्य की मांग का पूर्वानुमान नहीं। उत्पादन वृद्धि का मूल्यांकन क्षमता उपयोग, आयात, निर्यात, कीमत, निर्माण मांग और वैश्विक बाजार के साथ पढ़ना चाहिए; एक छमाही का बदलाव दीर्घकालिक प्रवृत्ति साबित नहीं करता।