भारतीय रेल ने अगस्त 2026 में माल ढुलाई और यात्री सेवाओं से जुड़े परिचालन आंकड़े जारी किए हैं। सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार महीने में 137.9 मिलियन टन माल ढोया गया, जबकि अगस्त 2025 में यह मात्रा 130.9 मिलियन टन थी। सालाना आधार पर 5.4 प्रतिशत वृद्धि दर्ज हुई और माल ढुलाई से मिलने वाला राजस्व 6.27 प्रतिशत बढ़ा।
वस्तु-वार आंकड़ों में लौह अयस्क की ढुलाई 12.1 प्रतिशत, क्लिंकर 10.4 प्रतिशत, घरेलू कंटेनर 9.2 प्रतिशत और कोयला 6 प्रतिशत बढ़ने की जानकारी दी गई है। तैयार इस्पात, खनिज तेल और उर्वरक में भी वृद्धि दर्ज हुई। रेलवे ने पांच नए गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल शुरू किए, जिससे 31 अगस्त तक ऐसे चालू टर्मिनलों की संख्या 149 हो गई।
यात्री सेवाओं में 14 अमृत भारत सेवाओं को नियमित रेलगाड़ी में बदला गया और इनकी कुल संख्या 86 बताई गई। अगस्त में 67.27 करोड़ यात्रियों ने सफर किया, जो एक साल पहले 64.43 करोड़ थे। उपनगरीय यात्री संख्या 9.02 प्रतिशत बढ़कर 38.01 करोड़ रही। रक्षाबंधन की मांग के लिए 25 से 31 अगस्त के बीच विशेष रेलगाड़ियों के 144 फेरे चलाए गए।
मासिक वृद्धि रेल नेटवर्क की उपयोगिता बताती है, लेकिन इसे पूरे वित्त वर्ष की स्थायी प्रवृत्ति मानना जल्दबाजी होगी। माल के मिश्रण, आधार अवधि, टर्मिनलों की वास्तविक क्षमता और समय पर आपूर्ति जैसे संकेतकों के साथ आगे के महीनों के आंकड़े भी देखने होंगे। यहां दिए गए सभी आंकड़े रेलवे की 13 सितंबर की आधिकारिक विज्ञप्ति पर आधारित हैं और किसी स्वतंत्र वित्तीय अनुमान के रूप में प्रस्तुत नहीं किए गए।







