राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने जुलाई 2025 से जून 2026 के बीच किए गए पहले राष्ट्रीय घरेलू यात्रा सर्वेक्षण की फैक्टशीट जारी की है। सर्वे में 14,274 गांव, 10,377 शहरी ब्लॉक और 4,92,023 परिवार शामिल थे, जिनसे 20.34 लाख से अधिक लोगों की जानकारी जुटाई गई।
सर्वे की परिभाषा में एक किलोमीटर या उससे अधिक दूरी को यात्रा माना गया है। इसके मुताबिक 57.6 प्रतिशत कामगार कार्यस्थल तक एक किलोमीटर से अधिक जाते हैं और निर्धारित कार्यस्थलों तक आने-जाने वालों में 42.6 प्रतिशत के लिए दोपहिया वाहन प्रमुख साधन है।
छात्रों के आवागमन में पैदल चलना, बस और साइकिल सबसे बड़े साधन रहे। करीब 87.6 प्रतिशत छात्र और 83.4 प्रतिशत कर्मचारी आधे घंटे के भीतर गंतव्य तक पहुंचते हैं। निर्धारित कार्यस्थल वाले कर्मचारी का औसत मासिक आवागमन खर्च 785 रुपये बताया गया, जिसमें शहरी औसत 1,044 और ग्रामीण औसत 612 रुपये है।
ये नमूना सर्वेक्षण से निकले राष्ट्रीय अनुमान हैं, हर व्यक्ति या शहर की स्थिति नहीं। एक किलोमीटर से छोटी यात्राएं इसके दायरे से बाहर हैं; इसलिए नीतिगत उपयोग में नमूना पद्धति, ग्रामीण-शहरी अंतर और स्थानीय परिवहन उपलब्धता के साथ विस्तृत तालिकाएं पढ़ना जरूरी होगा।







