फरीदाबाद की प्रतिभा रानी को अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय फैलोशिप के तहत सितंबर 2019 से सहायता मिली। आधिकारिक विवरण के अनुसार छात्रवृत्ति, मकान किराया भत्ता और आकस्मिक खर्च मिलाकर उन्हें लगभग 18 लाख रुपये दिए गए, जिससे पीएचडी के दौरान आने वाली आर्थिक कठिनाइयों को संभालने में मदद मिली।

वित्तीय सहायता मिलने से पहले उन्हें उपलब्ध योजनाओं की सीमित जानकारी, पारिवारिक परिस्थितियों और उच्च शिक्षा के खर्च जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। फैलोशिप ने शोध पर ध्यान केंद्रित करने के लिए स्थिरता दी। इसी अवधि में उन्होंने वंचित बच्चों की शिक्षा में योगदान जारी रखा और सीएसआईआर–राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला की एक परियोजना में भी काम किया।

यह व्यक्तिगत उपलब्धि किसी योजना के हर लाभार्थी के परिणाम की गारंटी नहीं है, लेकिन समय पर मिली लक्षित सहायता का व्यावहारिक प्रभाव दिखाती है। प्रतिभा अब ‘डॉ. प्रतिभा रानी’ के रूप में पेशेवर पहचान रखती हैं और उनके अनुभव ने समुदाय की अन्य लड़कियों को उच्च शिक्षा तथा शोध के विकल्पों पर विचार करने के लिए प्रेरित किया।