नई दिल्ली में इंडिया मोबाइल कांग्रेस के दौरान दस अक्टूबर को रोबोटिक्स फॉर गुड यूथ चैलेंज आयोजित हुआ। संचार मंत्रालय के अनुसार, दूरसंचार विभाग और अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ ने आईआईटी दिल्ली के टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब के सहयोग से प्रतियोगिता कराई।
जूनियर और सीनियर वर्गों में कुल 57 टीमों ने भाग लिया। सरकारी विवरण में 14 राज्यों से करीब 300 विद्यार्थी और मार्गदर्शक शामिल होने की जानकारी है। प्रतिभागियों ने सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति में नमूने पहुंचाने, क्वारंटीन क्षेत्र बनाने, चिकित्सा किट देने और प्राथमिकता तय करने जैसे कामों के लिए स्वायत्त रोबोट डिजाइन और प्रोग्राम किए।
टीम सिंगुलैरिटी और फेरम इन्क्यूबेटर्स ने क्रमशः जूनियर और सीनियर वर्ग जीता और 2027 में जिनेवा के वैश्विक फाइनल में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुनी गईं। यह प्रतियोगिता का परिणाम है; प्रस्तुत प्रोटोटाइप को अस्पतालों में तैनाती या चिकित्सा उपयोग की नियामक मंजूरी मिल जाने का दावा नहीं किया गया है।







