राष्ट्रीय अनुसूचित जाति–अनुसूचित जनजाति हब ने 31 जुलाई 2026 तक 1,90,414 लाभार्थियों को सहायता और 54,499 अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण देने की जानकारी दी है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय की यह पहल एससी–एसटी स्वामित्व वाले उद्यमों के लिए वित्त, तकनीक, प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और बाजार संपर्क की बाधाएं कम करने पर केंद्रित है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार इन उद्यमों से सार्वजनिक खरीद 2015-16 के 99.37 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में 4,013.42 करोड़ रुपये हो गई। प्रशिक्षण को सरकारी ई-मार्केटप्लेस और खरीद अवसरों से जोड़ा गया है, जबकि पूंजीगत उपकरण, निविदा भागीदारी, परीक्षण-प्रमाणन और व्यापार मेलों के लिए अलग-अलग सहायता प्रावधान रखे गए हैं।
योजना के अंतर्गत केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों की वार्षिक खरीद में एससी–एसटी स्वामित्व वाले एमएसई के लिए चार प्रतिशत लक्ष्य का उल्लेख है। घोषित लाभ स्वतः नहीं मिलते; उद्यम की पात्रता, पंजीकरण, ऋण का स्वरूप और खर्च के प्रमाण अलग-अलग सहायता योजनाओं के नियमों से तय होंगे, इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक शर्तों की जांच जरूरी है।







