सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया और आईआईटी बीएचयू के सेंटर फॉर इनोवेशन, इनक्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप ने वाराणसी में ‘एआई फॉर हेल्थ एंड असिस्टिव टेक्नोलॉजीज’ सम्मेलन आयोजित किया। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की 18 अक्टूबर की सूचना के अनुसार कार्यक्रम में सरकारी प्रतिनिधि, शिक्षाविद, स्वास्थ्य विशेषज्ञ और स्टार्टअप शामिल हुए। चर्चा का केंद्र ऐसे तकनीकी समाधान रहे जो स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, समावेशन और नागरिकों की सहायता बढ़ा सकें।

सम्मेलन के दो पैनल में बीमारी की जांच, मेडिकल डायग्नोस्टिक्स, रिमोट आईसीयू निगरानी और एआई-सहायित सर्जिकल योजना जैसे उपयोगों पर विचार रखा गया। वक्ताओं ने तकनीक, चिकित्सा विज्ञान और शोध के बीच सहयोग बढ़ाने तथा विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के विचारों को उपयोगी उत्पादों तक पहुंचाने की जरूरत बताई। एसटीपीआई के 27 सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप और स्टार्टअप को निवेश तथा बाजार से जोड़ने की भूमिका भी चर्चा में रही।

यह कार्यक्रम किसी चिकित्सा उत्पाद की स्वीकृति, इलाज की प्रभावशीलता या अस्पताल में तत्काल तैनाती की घोषणा नहीं था। आधिकारिक विज्ञप्ति इसे शोध, नवाचार और जिम्मेदार तरीके से बड़े स्तर पर लागू किए जा सकने वाले समाधानों पर संवाद के रूप में प्रस्तुत करती है। किसी भी एआई आधारित स्वास्थ्य उपकरण का वास्तविक उपयोग नियामकीय जांच, चिकित्सा सत्यापन और संस्थागत परीक्षण के बाद ही किया जाना चाहिए।