सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और दिल्ली सरकार 14 अक्टूबर को दिल्ली में पुनर्वास और सामाजिक पुनर्एकीकरण पर कार्यक्रम आयोजित करेंगे। ‘भिक्षावृत्ति मुक्त भारत–भिक्षावृत्ति मुक्त दिल्ली की ओर’ शीर्षक बैठक में केंद्र और राज्य सरकार, जिला प्रशासन, शहरी निकाय, कार्यान्वयन एजेंसियां, नागरिक संगठन और लाभार्थी प्रतिनिधि शामिल होंगे।

कार्यक्रम में आश्रय, कौशल, आजीविका, सामाजिक सुरक्षा और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच को बेहतर बनाने के तरीकों पर चर्चा प्रस्तावित है। अलग-अलग शहरों और एजेंसियों के अनुभव साझा किए जाएंगे, ताकि पुनर्वास योजनाओं में समन्वय और जवाबदेही बढ़ाई जा सके। मंत्रालय ने प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन और मापने योग्य प्रगति की व्यवस्था का भी उल्लेख किया है।

‘भीख-मुक्त’ लक्ष्य को केवल लोगों को सार्वजनिक स्थानों से हटाने की कार्रवाई नहीं माना जाना चाहिए। स्थायी पुनर्वास के लिए सहमति, पहचान दस्तावेज, सुरक्षित आश्रय, स्वास्थ्य और परामर्श सेवाएं तथा सम्मानजनक रोजगार तक पहुंच जरूरी है। प्रस्तावित सम्मेलन दिशा तय कर सकता है, लेकिन वास्तविक परिणाम लाभार्थियों की दीर्घकालिक स्थिति और अधिकार-सम्मत कार्यान्वयन से ही मापे जाएंगे।