भारत के अंतर्देशीय जलमार्गों पर बढ़ती आवाजाही के साथ नदी की गहराई, रास्ते और मौसम की जानकारी को डिजिटल सेवाओं से जोड़ा जा रहा है। 16 अक्टूबर को जारी सरकारी पृष्ठभूमि विवरण के अनुसार देश के 111 घोषित राष्ट्रीय जलमार्गों में 32 परिचालन में हैं। सुरक्षित नौवहन के लिए सर्वेक्षण, मार्ग रखरखाव और संकेत व्यवस्था साथ काम करते हैं।
सितंबर 2026 तक 22 राष्ट्रीय जलमार्गों पर सबसे गहरे नौवहन चैनल के नियमित सर्वेक्षण किए जा रहे थे। 18 परिचालन और ज्वारीय जलमार्गों के इलेक्ट्रॉनिक नौवहन चार्ट भी तैयार किए गए हैं। पानी की न्यूनतम उपलब्ध गहराई से यह तय करने में मदद मिलती है कि जहाज कितना भार लेकर किस मार्ग पर जा सकता है।
ब्रह्मपुत्र पर पांडु, बोगीबील, सिलघाट और विश्वनाथ घाट में चार नदी प्रकाशस्तंभों की 74 करोड़ रुपये की परियोजना का विवरण दिया गया है। पाणी पोर्टल, पोत ट्रैकर और नौदर्शिका जैसी प्रणालियां मार्ग तथा यातायात की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए हैं। प्रस्तावित प्रकाशस्तंभों को पहले से चालू बताना सही नहीं होगा; विवरण में इन्हें स्थापित की जा रही अवसंरचना के रूप में रखा गया है।







