हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड ने विशाखापत्तनम में पहला स्वदेशी फ्लीट सपोर्ट शिप ‘सूर्य’ जलावतरण किया है। 6 अक्टूबर के कार्यक्रम में पांचवें फ्लीट सपोर्ट शिप की नींव रखी गई और उन्नत स्लिपवे-4 तथा 300 टन क्षमता वाली गोलियाथ क्रेन शुरू की गई। सहायक पोत दूर समुद्र में नौसेना के जहाजों को रसद, तरल पदार्थ और रखरखाव सहायता देने के लिए बनाया जा रहा है।
सरकारी विवरण के अनुसार सूर्य में कार्गो और तरल परिवहन व्यवस्था, रखरखाव कार्यशाला, बहु-भूमिका हेलीकॉप्टर संचालन का डेक और आत्मरक्षा प्रणाली शामिल होगी। विस्तारित स्लिपवे से 45 हजार DWT तक जहाज निर्माण और जलावतरण संभव होने की बात कही गई है। नई क्रेन भारी ब्लॉक उठाने के लिए डिजिटल नियंत्रण, टैंडम लिफ्टिंग और दूरस्थ निदान सुविधाओं से लैस है।
जलावतरण जहाज निर्माण का महत्वपूर्ण चरण है, नौसेना में परिचालन स्वीकृति नहीं। पोत को आगे सज्जा, बंदरगाह और समुद्री परीक्षण, प्रणालियों का एकीकरण तथा ग्राहक स्वीकृति पूरी करनी होगी। स्वदेशी क्षमता का आकलन समय पर आपूर्ति, स्थानीय मूल्य संवर्धन, परीक्षण प्रदर्शन और जीवनचक्र रखरखाव से होगा। कार्यक्रम में बताए औद्योगिक अवसर भी वास्तविक आपूर्ति अनुबंध और कौशल विकास के बाद मापे जा सकेंगे।







