सूरत और विशाखापत्तनम के नौ सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के उन्नयन के लिए लगभग 440 करोड़ रुपये का निवेश स्वीकृत हुआ है। कौशल विकास मंत्रालय ने 12 अक्टूबर को बताया कि पीएम-सेतु के तहत केंद्र, गुजरात और आंध्र प्रदेश सरकारों तथा आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया के बीच शेयरधारक समझौते हुए हैं।
सूरत क्लस्टर के पांच आईटीआई के लिए 240 करोड़ रुपये और विशाखापत्तनम के चार आईटीआई के लिए 200 करोड़ रुपये स्वीकृत हैं। परियोजनाओं के संचालन के लिए अलग संस्थागत व्यवस्था बनाई जाएगी। उद्योग भागीदार की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत होगी, जबकि केंद्र और संबंधित राज्य की हिस्सेदारी 24.5–24.5 प्रतिशत रखी गई है।
साझेदारी में प्रशिक्षण ढांचे के साथ पाठ्यक्रम और शिक्षकों के विकास पर भी काम होना है। न्यू एज मेकर्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी इसमें शैक्षणिक और तकनीकी सहयोग देगा। फिलहाल समझौतों और निवेश स्वीकृति की घोषणा हुई है; सभी संस्थानों का उन्नयन पूरा हो जाने या विद्यार्थियों को निश्चित नौकरी मिलने का दावा नहीं किया गया है।







