पर्यावरण मंत्रालय ने नई दिल्ली में तटीय लचीलापन बढ़ाने की अनुकूल रणनीतियों पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की। बैठक हरित जलवायु कोष समर्थित परियोजना के अनुभवों और उन्हें बड़े स्तर पर लागू करने पर केंद्रित है।

परियोजना में मैंग्रोव, तटीय जलग्रहण, समुद्री घास, लवणीय दलदल और प्रवाल जैसे पारिस्थितिक तंत्रों की बहाली के साथ संवेदनशील समुदायों की आजीविका मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।

विशेषज्ञों ने कहा कि तटरेखा बदलाव, खतरा रेखा और संवेदनशीलता से जुड़े वैज्ञानिक आंकड़ों को राज्य, जिला और स्थानीय योजना में उतारना अगला महत्वपूर्ण कदम है। राष्ट्रीय तटीय मिशन को इन प्रयासों के समन्वय का आधार बताया गया।