सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने सीवर व सेप्टिक टैंक कर्मियों की सुरक्षा और कल्याण से जुड़े कार्यक्रम की प्रगति बताई है। मंत्रालय के अनुसार 90,942 कर्मियों की प्रोफाइल तैयार हुई, जिनमें 89,248 का सत्यापन किया जा चुका है। कुल 87,037 कर्मियों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण किट दी गई और 76,247 को विभिन्न स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के दायरे में लाया गया।

मशीनीकृत सफाई को बढ़ाने के लिए 983 सफाई कर्मियों को 364 वाहनों की खरीद हेतु 34.17 करोड़ रुपये की अग्रिम पूंजीगत सब्सिडी जारी की गई। बड़े नगर निगमों और जिलों की आपातकालीन प्रतिक्रिया सफाई इकाइयों को 753 सुरक्षा उपकरण भेजे गए हैं। मंत्रालय ने खतरनाक सफाई रोकने के विषय पर देशभर में 1,562 कार्यशालाएं आयोजित करने की जानकारी भी दी।

जून 2024 से योजना का दायरा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस कचरा प्रबंधन से जुड़े कचरा बीनने वालों तक बढ़ाया गया। आधिकारिक आंकड़ों में 3,78,547 लोगों की प्रोफाइल और 2,52,163 का ई-केवाईसी सत्यापन दर्ज है। करीब 1,31,864 लोगों को सुरक्षा किट दी गई, जबकि 1,24,835 लोगों का डेटा आयुष्मान कार्ड की प्रक्रिया के लिए भेजा गया।

ये संख्याएं सहायता के विस्तार का संकेत देती हैं, लेकिन सुरक्षित कार्यस्थल का अंतिम पैमाना केवल किट बांटना नहीं है। मशीनों की उपलब्धता, नियमित प्रशिक्षण, उपकरणों की स्थिति, स्वास्थ्य सेवाओं तक वास्तविक पहुंच और खतरनाक मैनुअल प्रवेश की रोकथाम की स्वतंत्र निगरानी भी जरूरी है। यह लेख मंत्रालय के 13 सितंबर के आंकड़ों की रिपोर्ट है; इससे प्रत्येक नगर निकाय में समान अनुपालन का निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए।