सेंटर फॉर एयरोस्पेस पावर एंड स्ट्रेटेजिक स्टडीज और भारतीय वायु सेना ने तरंग शक्ति-26 अभ्यास के दौरान नई दिल्ली में संगोष्ठी आयोजित की। ‘बदलते युद्धक्षेत्र में वायु शक्ति की केंद्रीय भूमिका’ विषय पर हुए कार्यक्रम में सहयोगी देशों की वायु सेनाओं, सैन्य अधिकारियों, शिक्षाविदों और उद्योग प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
चर्चा में मानवयुक्त और मानवरहित अभियानों को साथ विकसित करने, सेंसर और हथियार प्रणालियों को संचार तथा डेटा नेटवर्क से जोड़ने और वायु सेनाओं के बीच अंतर-संचालनीयता बढ़ाने पर जोर रहा। आपूर्ति शृंखला की मजबूती, प्रशिक्षण के नए तरीके और लंबे अभियानों को बनाए रखने की क्षमता भी प्रमुख मुद्दे रहे।
दो कार्य सत्रों में हवाई श्रेष्ठता से आगे बढ़कर निर्णय क्षमता, निवारण, तनाव नियंत्रण और मानव संसाधन विकास की भूमिका पर विचार हुआ। यह कार्यक्रम रणनीतिक और वैचारिक विमर्श था; विज्ञप्ति किसी नई हथियार खरीद, सैन्य तैनाती या परिचालन समझौते की घोषणा नहीं करती। बताए गए विचार भविष्य के सहयोग और सिद्धांत निर्माण के संदर्भ में हैं।







