भारत मौसम विज्ञान विभाग ने चक्रवात चेतावनी और समुद्री मौसम सेवाओं पर प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की। विभाग के अनुसार इसमें 650 से अधिक हितधारकों ने भाग लिया और कार्यक्रम की लाइव स्ट्रीम आम लोगों के लिए भी उपलब्ध कराई गई।

प्रशिक्षण में आपदा प्रबंधक, मीडिया प्रतिनिधि और अन्य उपयोगकर्ता शामिल थे। प्रारंभिक सत्र में चक्रवात पूर्वानुमान, विभिन्न एजेंसियों के समन्वय और अंतिम छोर तक समय पर चेतावनी पहुंचाने में मीडिया की भूमिका पर बात हुई।

आईएमडी विशेषज्ञों ने तटीय समुदायों, मछुआरों, बंदरगाहों और समुद्री क्षेत्र के लिए जारी किए जाने वाले पूर्वानुमान उत्पादों तथा चेतावनी बुलेटिनों की व्याख्या की। विभाग ने चक्रवात और समुद्री मौसम सेवाओं के लिए तैयार अपनी निर्णय सहायता प्रणाली भी प्रदर्शित की, जिसे सार्वजनिक उपयोगकर्ता और आपदा प्रबंधक जानकारी समझने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

यह आयोजन प्रशिक्षण और प्रणाली-परिचय का रिकॉर्ड है, किसी सक्रिय चक्रवात की चेतावनी नहीं। वास्तविक आपदा के समय लोगों को केवल आईएमडी, स्थानीय प्रशासन और अधिकृत आपदा प्रबंधन एजेंसियों की ताजा सलाह का पालन करना चाहिए; कार्यशाला की सामग्री को मौजूदा खतरे का संकेत नहीं माना जाना चाहिए।