नई दिल्ली के यशोभूमि में तीसरी अंतरराष्ट्रीय भारत 6G संगोष्ठी संपन्न हुई। इंडिया मोबाइल कांग्रेस के साथ आयोजित कार्यक्रम में दूरसंचार क्षेत्र के प्रतिनिधि, नीति-निर्माता, मानक संस्थाएं, शिक्षाविद और शोधकर्ता IMT-2030 तथा अगली पीढ़ी के नेटवर्क की दिशा पर चर्चा के लिए जुटे।

आयोजकों के अनुसार संगोष्ठी में 75 से अधिक वक्ता शामिल हुए, जिनमें 30 से अधिक अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ थे। सत्रों में 5G-एडवांस्ड आधार, वैश्विक मानक, स्पेक्ट्रम, अंतरराष्ट्रीय परीक्षण, एआई-आधारित नेटवर्क, टिकाऊपन और औद्योगिक उपयोग के मामलों पर विचार हुआ।

भारत 6G एलायंस ने GSMA, one6G, GTI एलायंस, ताइवान के 6G इनोवेशन फोरम और VOICE के साथ पांच समझौतों का आदान-प्रदान किया। आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक इनका उद्देश्य संयुक्त अनुसंधान, परीक्षण और जानकारी साझा करने के अवसर बढ़ाना है। एलायंस ने दस श्वेतपत्र और रिपोर्ट भी जारी कीं।

सरकारी वक्तव्य में किफायती पहुंच, दूरस्थ क्षेत्रों तक कवरेज और स्थलीय तथा उपग्रह नेटवर्क के मेल को प्रमुख लक्ष्य बताया गया। ये समझौते सहयोग की मंशा दर्ज करते हैं; उनके व्यावहारिक प्रभाव का आकलन आगे होने वाले शोध, खुले मानकों, वास्तविक परीक्षणों और उपयोगकर्ताओं तक पहुंच के परिणामों से होगा।