भारतीय नौसेना का तीन मस्तूल वाला पाल प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शिनी ओमान के सलालाह से रवाना हो गया है। रक्षा मंत्रालय की 18 अक्टूबर की विज्ञप्ति के अनुसार पोत 14 से 17 अक्टूबर तक सलालाह में रहा और अब लोकायन-2026 नाम की अपनी समुद्रपारीय प्रशिक्षण तैनाती आगे बढ़ा रहा है। यात्रा का उद्देश्य नौसैनिक प्रशिक्षुओं में समुद्री कौशल, धैर्य और नेतृत्व क्षमता विकसित करना है। पाल पोत पर लंबी समुद्री यात्रा प्रशिक्षुओं को मौसम, नौवहन और टीमवर्क की वास्तविक परिस्थितियों में अभ्यास का अवसर देती है।
बंदरगाह प्रवास के दौरान भारतीय नौसेना और रॉयल नेवी ऑफ ओमान के कर्मियों के बीच पेशेवर बातचीत तथा खेल गतिविधियां हुईं। मंत्रालय ने इन कार्यक्रमों को दोनों नौसेनाओं के बीच मित्रता और लोगों के स्तर पर संपर्क मजबूत करने वाला बताया। आधिकारिक तस्वीर में स्थानीय स्कूली बच्चों का पोत भ्रमण भी दिखाई देता है। ऐसे बंदरगाह कार्यक्रम प्रशिक्षण यात्रा को समुदाय और मेजबान देश की नौसेना के साथ संवाद से जोड़ते हैं।
लोकायन-2026 अपने दसवें महीने में है और आईएनएस सुदर्शिनी विभिन्न अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों से होते हुए समुद्री प्रशिक्षण यात्रा कर रहा है। विज्ञप्ति इसे समुद्री कूटनीति और साझेदारी का माध्यम बताती है। पोत भारत की समुद्री परंपरा और प्रशिक्षुओं के पेशेवर विकास को प्रदर्शित करते हुए आगे बढ़ रहा है। यह किसी नए सैन्य समझौते, अभियान या स्थायी तैनाती की घोषणा नहीं है; रिपोर्ट केवल सलालाह प्रवास और प्रशिक्षण यात्रा की प्रगति पर आधारित है।







