भारतीय नौसेना के प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन के पोत 15 अक्टूबर को सेशेल्स के पोर्ट विक्टोरिया से रवाना हुए। रक्षा मंत्रालय की 17 अक्टूबर की विज्ञप्ति के अनुसार आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और भारतीय तटरक्षक पोत सारथी का बंदरगाह प्रवास 12 अक्टूबर से शुरू हुआ था। इस दौरान दोनों देशों के बलों ने प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और समुद्री सहयोग से जुड़ी गतिविधियां कीं।

स्क्वाड्रन के वरिष्ठ अधिकारी और पोतों के कमांडिंग अधिकारियों ने सेशेल्स डिफेंस फोर्स के प्रमुख मेजर जनरल माइकल रोसेट से मुलाकात की। कार्यक्रम में पेशेवर आदान-प्रदान, अग्निशमन और छोटे हथियारों से संबंधित प्रशिक्षण शामिल रहा। भारतीय पोतों ने सेशेल्स कोस्ट गार्ड के पोत एंड्रोमाचे के साथ पैसेज एक्सरसाइज भी की, जिसमें संयुक्त गश्त, संचार अभ्यास और समन्वित संचालन किए गए।

यात्रा के सामुदायिक कार्यक्रमों में चिकित्सा शिविर, वृद्धाश्रम में आवश्यक सामग्री का वितरण, स्कूली बच्चों की पोत यात्रा और नौसेना बैंड का प्रदर्शन शामिल था। मंत्रालय ने इसे भारत-सेशेल्स समुद्री साझेदारी और क्षेत्रीय क्षमता निर्माण का हिस्सा बताया है। विज्ञप्ति किसी नए रक्षा समझौते या स्थायी तैनाती की घोषणा नहीं करती; यह प्रशिक्षण यात्रा और उससे जुड़ी गतिविधियों का विवरण है।