केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री ने दक्षिण कोरिया के बुसान में समुद्री संस्थानों, जहाज निर्माता कंपनियों और शिपिंग उद्यमों के साथ बैठकें कीं। साइप्रस के शिपिंग उपमंत्री से भी द्विपक्षीय चर्चा हुई।

वार्ता में जहाज निर्माण निवेश, समुद्री उपकरण उत्पादन, वित्त, बंदरगाह विकास और शिपिंग सेवाएं शामिल रहीं। हरित तकनीक तथा पर्यावरण अनुकूल जहाज पुनर्चक्रण पर संभावित सहयोग भी एजेंडे में था।

भारत 2047 तक जहाज निर्माण और समुद्री सेवाओं में वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाना चाहता है। इसके लिए तकनीक, पूंजी, आपूर्ति शृंखला, वित्त और बाजार को एक साथ मजबूत करने वाली अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों पर जोर दिया गया।