क्षमता विकास आयोग की साधना श्रृंखला की दूसरी क्षेत्रीय कार्यशाला गुवाहाटी में आठ पूर्वोत्तर राज्यों के प्रशिक्षण संस्थानों को एक मंच पर लाएगी। असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा के संस्थान प्रमुख, संकाय, विशेषज्ञ और उद्योग प्रतिनिधि अपने अनुभव तथा संस्थागत चुनौतियां साझा करेंगे।

कार्यशाला का उद्देश्य सामान्य सुझावों को राज्य-विशिष्ट कार्ययोजना में बदलना है। चर्चा में संस्थागत शासन, संकाय की क्षमता, संचालन प्रभावशीलता और डिजिटल तैयारी शामिल होंगे। प्रस्तावित बदलाव प्रशिक्षण को केवल उपलब्ध पाठ्यक्रमों की आपूर्ति से हटाकर पद की भूमिका और जरूरी दक्षताओं से जुड़ी मांग-आधारित व्यवस्था की ओर ले जाने पर केंद्रित हैं।

इस प्रक्रिया को ‘उन्नति’ पोर्टल से जोड़ा गया है, जिसे 700 से अधिक प्रशिक्षण संस्थानों के लिए साझा डिजिटल मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है। आयोग के अनुसार पोर्टल प्रशिक्षण की मांग और संस्थागत आपूर्ति के अंतर को कम करने, संसाधन साझा करने, संस्थानों की दृश्यता बढ़ाने और आंकड़ों के आधार पर लगातार सुधार में मदद करेगा।