प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का दो दिवसीय चिंतन शिविर 5 और 6 अक्टूबर को नई दिल्ली में हुआ। राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, तकनीकी विशेषज्ञों और नीति प्रतिनिधियों ने ग्रामीण संपर्क, सड़क गुणवत्ता और आगे की कार्ययोजना पर विचार किया।
मंत्रालय के अनुसार योजना के विभिन्न चरणों में लगभग आठ लाख किलोमीटर ग्रामीण सड़कें बनाई गई हैं। पीएमजीएसवाई-IV में 70,125 करोड़ रुपये के बजट के साथ 25 हजार पात्र बिना संपर्क वाली बस्तियों के लिए करीब 62,500 किलोमीटर हर मौसम में चलने योग्य सड़क बनाने का लक्ष्य है।
शिविर में क्षेत्र सत्यापन, जीपीएस आधारित निगरानी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग के साथ विस्तृत परियोजना रिपोर्ट, निविदा, निर्माण गुणवत्ता और निवारक रखरखाव पर चर्चा हुई। कठिन तथा पूर्वोत्तर क्षेत्रों में लंबित कामों की निगरानी और पांच वर्ष की रखरखाव अवधि में ठेकेदार जिम्मेदारी मजबूत करने की जरूरत भी रखी गई।
निर्मित लंबाई और घोषित लक्ष्य प्रशासनिक प्रगति के संकेत हैं। सड़क की वास्तविक उपयोगिता का मूल्यांकन पूरे वर्ष आवागमन, निर्माण गुणवत्ता, समय पर रखरखाव, जलवायु जोखिम सहने की क्षमता और स्थानीय लोगों की पहुंच से होना चाहिए; शिविर की सिफारिशें लागू होने पर ही असर दिखेगा।







