आईसीएआर के राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान, इंदौर ने 9 अक्टूबर को आयोजित कटाई दिवस में एनआरसी 268 और एनआरसी 270 किस्मों की उत्पादन क्षमता का शुरुआती आकलन किया। प्रत्येक किस्म के एक-एक एकड़ क्षेत्र में कटाई से करीब 20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उपज के संकेत मिले हैं।

संस्थान के मुताबिक यह प्रदर्शन प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के बीच दर्ज हुआ। विज्ञप्ति में देश की औसत सोयाबीन उत्पादकता लगभग 10 से 11 क्विंटल प्रति हेक्टेयर बताई गई है। हालांकि एक सीमित खेत और एक मौसम से मिले प्रारंभिक परिणामों को व्यापक औसत या हर क्षेत्र के लिए सुनिश्चित उपज नहीं माना जा सकता।

कटाई दिवस का उद्देश्य उपज संबंधी आंकड़ों को व्यवस्थित रूप से जुटाना और किस्मों तथा उत्पादन परिस्थितियों के असर का विश्लेषण करना था। संस्थान ने कहा है कि परिणामों का आगे वैज्ञानिक अध्ययन किया जाएगा और देशभर में चल रहे परीक्षणों के दीर्घकालीन आंकड़ों से तुलना की जाएगी।

आईसीएआर की परियोजनाओं के आंकड़े उन्नत किस्मों और उपयुक्त उत्पादन तकनीक के साथ 15 से 20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तथा अनुकूल दशाओं में 22 से 25 क्विंटल तक की संभावना बताते हैं। किसानों के लिए उपयोगी सिफारिश तय करने से पहले क्षेत्र, मिट्टी, वर्षा, बीज उपलब्धता और बहुवर्षीय परीक्षणों को ध्यान में रखना जरूरी होगा।