हिमाचल प्रदेश देश के उन दस राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शामिल है जिन्होंने 2024 से 2026 के बीच खुद को पूर्ण साक्षर घोषित किया है। पत्र सूचना कार्यालय ने 29 सितंबर को जारी साक्षरता संबंधी विवरण में यह जानकारी दी। सूची में लद्दाख, मिज़ोरम, गोवा, त्रिपुरा, चंडीगढ़, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, सिक्किम, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर भी हैं।
पूर्ण साक्षरता का यह दर्जा हर व्यक्ति के साक्षर होने का दावा नहीं है। शिक्षा मंत्रालय के मानदंड में 95 प्रतिशत साक्षरता को पूर्ण साक्षरता के समकक्ष माना गया है। इस परिभाषा में समझकर पढ़ने, लिखने और गणना करने के साथ डिजिटल तथा अन्य उपयोगी जीवन कौशल भी शामिल हैं।
जिन लोगों की स्कूली पढ़ाई छूट गई, उनके लिए उल्लास कार्यक्रम 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के शिक्षार्थियों पर केंद्रित है। स्थानीय सर्वेक्षण के बाद शिक्षार्थियों को स्वयंसेवक शिक्षकों से जोड़ा जाता है। पढ़ाई और प्रशिक्षण के बाद बुनियादी साक्षरता तथा संख्या-ज्ञान का मूल्यांकन होता है।
पीआईबी के विवरण के अनुसार, देशभर में उल्लास के लगभग 4.03 करोड़ पंजीकृत शिक्षार्थी और 52.20 लाख से अधिक स्वयंसेवक हैं। ये राष्ट्रीय आंकड़े हैं। कार्यक्रम के ऐप पर 27 भाषाओं में शिक्षण सामग्री उपलब्ध है। हिमाचल का उल्लेख पहले से घोषित पूर्ण साक्षर राज्यों की सूची में है; विवरण में राज्य के लिए आज किसी नई घोषणा की जानकारी नहीं दी गई है।







