
बुसान में भारत ने जहाज निर्माण, समुद्री वित्त और हरित तकनीक पर साझेदारियां टटोलीं
दक्षिण कोरियाई संस्थानों और साइप्रस के प्रतिनिधि के साथ आपूर्ति शृंखला, बंदरगाह तथा टिकाऊ जहाज पुनर्चक्रण पर बातचीत।

दक्षिण कोरियाई संस्थानों और साइप्रस के प्रतिनिधि के साथ आपूर्ति शृंखला, बंदरगाह तथा टिकाऊ जहाज पुनर्चक्रण पर बातचीत।

14 से 17 अक्टूबर के बंदरगाह प्रवास में भारतीय नौसेना और रॉयल नेवी ऑफ ओमान के बीच पेशेवर संवाद तथा खेल गतिविधियां हुईं।

आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और तटरक्षक पोत सारथी ने पोर्ट विक्टोरिया प्रवास के दौरान पेशेवर प्रशिक्षण और समुद्री अभ्यास किए।

महासभा अध्यक्ष की पहल में छोटे द्वीपीय और कम विकसित देशों की जरूरतों पर ध्यान; कोई नया समझौता घोषित होने का दावा नहीं

एफएओ के 2026 अभियान में विविध, सुरक्षित और पौष्टिक भोजन तक पहुंच केंद्र में; पोस्टर प्रतियोगिता की अंतिम तारीख छह नवंबर

गुजरात, महाराष्ट्र और दिल्ली की यात्रा में बालाचड़ी तथा वलिवडे स्मारकों को विशेष स्थान मिला

समुद्री जागरूकता, अंतरराष्ट्रीय कानून और साझा क्षमता निर्माण पर भारत का जोर; नई दिल्ली में क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा।

एनआईएफटीईएम-कुंडली में सरकारी, शैक्षणिक और उद्योग प्रतिनिधियों ने मूल्य संवर्धन, सतत पोषण और संयुक्त अनुसंधान की संभावनाओं पर विचार किया।

दोनों देशों ने वैज्ञानिक अनुसंधान, उन्नत प्रजनन तकनीक और बाजार पहुंच से जुड़े नियामकीय मुद्दों पर बातचीत की।

भारत ने 490 औद्योगिक इकाइयों के उत्सर्जन-तीव्रता लक्ष्यों और 308 गीगावाट गैर-जीवाश्म क्षमता की जानकारी साझा की।

सात बड़ी बिल्ली प्रजातियों के संरक्षण के लिए बने संगठन को भारत ने पांच वर्षों में ₹150 करोड़ देने का वादा किया है।

चार दिवसीय यात्रा के दौरान संस्थागत निवेशकों, बैंकों और सिंगापुर नेतृत्व के साथ बुनियादी ढांचे, ऊर्जा संक्रमण तथा वित्तीय तकनीक में सहयोग पर बातचीत हुई।

DRI के अनुसार करीब ₹8.98 करोड़ का विदेशी मूल का सोना कोलकाता से हैदराबाद ले जाया जा रहा था; जांच जारी है।

एजेंसी का दावा है कि सड़क और रेल मार्ग से कोलकाता तक विदेशी मूल का सोना पहुंचाया जा रहा था; जांच जारी है।

भारत और ब्रिटेन की नौसेनाएं 8 से 15 अक्टूबर तक बंदरगाह तथा समुद्री चरण में वायु, सतह और पानी के नीचे संचालन का अभ्यास कर रही हैं।

जोधपुर में 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक अभ्यास; 32 पर्यवेक्षक देशों ने भी भागीदारी की।

अंतिम दिन शासी परिषद ने नए अध्यक्ष का चुनाव किया; सभा ने हिमालयी और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में आपदा क्षमता बढ़ाने पर तत्काल संसदीय कार्रवाई का प्रस्ताव अपनाया।

9 से 11 अक्टूबर के दौरे में सरकारी नेताओं, संस्थागत निवेशकों और कंपनियों के साथ अलग-अलग संवाद तय।

60 हजार वर्ग मीटर के आयोजन में 100 से अधिक देशों, 400 स्टार्टअप और दो हजार तकनीकी उपयोग मामलों की भागीदारी बताई गई।

विश्व कपास दिवस कार्यक्रम में छोटे उत्पादकों, कारीगरों, घरेलू प्रसंस्करण और टिकाऊ व्यापार साझेदारी की चुनौतियों पर विचार हुआ।

नई दिल्ली में तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान अंतरराष्ट्रीय शोध, परीक्षण और मानक सहयोग बढ़ाने की रूपरेखा पर चर्चा हुई।

नई दिल्ली में नीति निर्माताओं, ऑपरेटरों, शोध संस्थानों और वैश्विक तकनीकी संगठनों ने अगली पीढ़ी नेटवर्क पर संवाद किया।

दूरसंचार सम्मेलन में आयातित नेटवर्क तकनीकों के भारतीय विकल्प, क्वांटम सुरक्षा और एआई-नेटिव नेटवर्क पर जोर।

बंदरगाह निवेश, हरित शिपिंग, नदी संपर्क और समुद्री कौशल पर अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकों में चर्चा।